PuliyaBaazi

Fortnightly podcast hosted by Pranay Kotasthane & Saurabh Chandra. Out every alternate Tuesday.

अम्बेडकर के जातिप्रथा पर विचार: भाग २

पूरे भारत ने अपना सत्तरवाँ गणतंत्र दिवस पिछले हफ़्ते मनाया और अंबेडकर के योगदान को फिर एक बार याद किया |  पर अंबेडकर साहब जैसे बुद्धिजीवी को सम्मान देने का शायद सबसे प्रभावशाली तरीका है उनके विचारों को समझना |

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एक नई विश्व व्यवस्था के लिए भारत कैसे तैयारी करे?

विश्व व्यवस्था के घटनाक्रम में हाल ही तीव्रता से बदलाव हुए हैं। अमरीका और चीन के बीच में 1971 से शुरू हुआ तालमेल का सिलसिला आज एक शीत युद्ध में तब्दील हो गया है। बदलते समीकरणों के चलते अगले २५ सालों में भारत को क्या कदम उठाने चाहिए, इस विषय पर है हमारी इस हफ़्ते की पुलियाबाज़ी |

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भाग रॉकेट भाग: भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम की कहानी

इस बार पुलियाबाज़ी में हमने भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम पर खुलकर चर्चा की पवन श्रीनाथ से, जो इस विषय पर काफ़ी सालों से शोधकार्य कर रहे हैं।

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धरती के बर्फीले छोरों से कहानी Climate Change की

जलवायु परिवर्तन (climate change) के भीषण प्रभावों पर आंकड़े तो स्पष्ट हैं लेकिन फिर भी हम और हमारी सरकारें इस वैश्विक समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे | सुनिए हमारी पुलियाबाज़ी राजा कार्तिकेय से जिन्होंने एक साल के भीतर ही अंटार्कटिक और आर्कटिक ध्रुवों का दौरा किया |

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Arthashashtra Part 2: Foreign Policy कैसी होनी चाहिए?

Real estate से लेकर business advice तक, कौटिल्य नीति को बिना सिर पैर उपयोग करने की होड़ लगी है आजकल | अर्थशास्त्र को ignore करना तो ग़लत है ही, पर उसे ग़लत समझना और भी हानिकारक है | तो कौटिल्य अर्थशास्त्र से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को ठीक करने के लिए हमने की पुलियाबाज़ी कजरी कमल से |

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Arthashashtra Part 1: साम, दाम, भेद, दंड से परे

Real estate से लेकर business advice तक, कौटिल्य नीति को बिना सिर पैर उपयोग करने की होड़ लगी है आजकल | अर्थशास्त्र को ignore करना तो ग़लत है ही, पर उसे ग़लत समझना और भी हानिकारक है | तो कौटिल्य अर्थशास्त्र से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को ठीक करने के लिए हमने की पुलियाबाज़ी कजरी कमल से जो कि ‘अर्थशास्त्र और Indian Strategic Culture’ पर PhD कर रही हैं हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से |

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Raid के पीछे, एक टैक्स अफ़सर की ज़ुबानी

मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘नमक का दरोगा’ एक ईमानदार टैक्स इंस्पेक्टर के सामने आने वाली चुनौतियों की अमर दास्ताँ है | तो इस बार हमने पुलियाबाज़ी में हमने समझना चाहा कि एक युवा सरकारी अफ़सर की ज़िन्दगी आख़िर कैसी होती है ? क्यों आज भी कुछ इंजीनियर और डॉक्टर सरकारी अफ़सर बनना पसंद करते है ? 

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परमाणु हथियार: इस ब्रम्हास्त्र से कैसे बचें?

इस साल के शुरू होते ही अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक ट्वीट में उत्तर कोरिया को चेताया था कि अमरीका के परमाणु हथियार उत्तर कोरिया के मुक़ाबले कई ज़्यादा प्रभावशाली है | इस एक ट्वीट से ही सारी दुनिया काँप गयी थी |

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संसद के अंदर

भारतीय लोकतंत्र में एक सांसद का रोल क्या है? हमारी पार्लिमेंट और राज्य विधान सभाओं को और प्रभावशाली कैसे बनाया जाए? हमें सांसदों के बढ़ते वेतनभत्ते से कितना चिंतित होना चाहिए?

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मिलिट्री-जिहादी कॉम्प्लेक्स: पाकिस्तान का दूसरा चेहरा

नवजोत सिंह सिद्धू की झप्पी ने बड़ा बवाल उठा दिया भारत में | तो इस बार की पुलियाबाज़ी पाकिस्तान के मिलिट्री-जिहादी कॉम्प्लेक्स पर | ऐसा क्यों कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सुधारने की कोई कोशिश के शुरू होते ही आतंकवादी हमले उस प्रक्रिया को विफल कर देते हैं?

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आज़ाद भारत का रिपोर्ट कार्ड

पुलियाबाज़ी के इस Independence Day Special अंक में प्रस्तुत है हमारे दृष्टिकोण से आज़ादी का लेखा-जोखा | कौनसी चुनौतियों को हमने हराया है और कौनसी मुश्किलों से हम आज भी जूझ रहे है, इन प्रश्नों पर सुनिए एक चर्चा |

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एक डॉक्टर और

भारत में हर 1668 लोगों के लिए सिर्फ एक डॉक्टर है । इस अभाव के बावजूद मेडिकल कॉलेजों में सीटें इस साल घटा देने का कारण क्या है? राज्य और केंद्र सरकार क्या कर सकती हैं अच्छे डॉक्टरों की संख्या में इज़ाफ़ा करने के लिए, जानिए इस एपिसोड में।

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तारीख़ पे तारीख़

हमारे न्यायतंत्र की ढ़िलाई से शायद हर इंसान वाक़िफ़ है | तो पुलियाबाज़ी के इस अंक में हमने ग़ोता लगाया इस ढ़िलाई के कारणों को समझने में, सूर्य प्रकाश के साथ|

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